Indira Rasoi Yojana Rajasthan 2022: इंदिरा रसोई योजना, ₹8 में भरपेट खाना

“कोई भी भूखा नहीं सोए” इस संकल्प को पूरा करने के लिए राजस्थान की सरकार ने 20 अगस्त 2020 को इंदिरा रसोई योजना राजस्थान का शुभारंभ किया था. इस योजना के तहत लोगों को दो वक़्त का खाना बहुत ही कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है. तो चलिए आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से इस Indira Rasoi Yojana Rajasthan से जुड़ी सभी जानकारी मुहैया कराएंगे. जैसे इस योजना का क्या लाभ है, इस योजना को लागू करने का क्या उद्देश्य है, इस योजना का लाभ कौन-कौन ले सकता है, इस योजना के तहत भोजन कितने रूपये  में उपलब्ध कराया जाता है आदि. 

Indira Rasoi Yojana Rajasthan

Indira Rasoi Yojana 2022 (इंदिरा रसोई योजना क्या है?)

राजस्थान सरकार ने अपने राज्य में “कोई भी भूखा नहीं सोए” के संकल्प को साकार करने हेतु 20 अगस्त 2020 को इंदिरा गांधी रसोई योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के संचालन की ज़िम्मेदारी सरकार ने नगरीय विकास एवं आवासन, स्वायत्त शासन विभाग को सौंपी है. इस योजना के तहत प्रदेश भर के सभी 213 निकायों में 358 में रसोइयों का शुभारंभ किया गया था. बाद में, 512 और नई इंदिरा रसोईघर का शुभारंभ किया गया. कुल मिलाकर इस समय प्रदेश भर में संचालित इंदिरा रसोइयों की संख्या 870 है. राजस्थान सरकार का लक्ष्य 1000 इंदिरा रसोईघर खोलने का है. बता दें कि इस योजना का नाम पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के नाम पर रखा गया है.

इस योजना के तहत लोगो को एक वक़्त का खाना 8 रूपये में मुहैया कराया जाता है. भोजन मेन्यू में मुख्य रूप से प्रति थाली 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 250 ग्राम चपाती एवं आचार सम्मिलित होती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक वक्त की थाली में ₹25 का खर्च आता है जिसमें ₹17 राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाते हैं और ₹8 लाभार्थी से लिए जाते हैं. इस प्रकार लाभार्थी को एक थाली के लिए ₹8 का भुगतान करना होता है. 

Rajasthan Indira Rasoi Yojana 2022 के तहत सामान्यतः दोपहर का भोजन सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक एवं शाम का भोजन शाम 5:00 बजे से रात 8:00 बजे तक उपलब्ध कराया जाता है. लाभार्थी को ₹8 में शुद्ध ताजा और पौष्टिक भोजन सम्मान पूर्वक एक जगह पर बैठाकर खिलाया जाता है. जिला स्तर पर इन इंदिरा रसोईघरो को चलाने की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित एनजीओ को दी गई है.

सरकार ने राजस्थान इंदिरा रसोई योजना पर प्रति वर्ष 250 करोड़ों रूपये खर्च का प्रावधान किया है. सरकार द्वारा हर रसोई को आधारभूत संरचना के लिए 5 लाख रुपए और हर रसोई के आवर्ती संरचना के लिए 3 लाख रुपए हर साल दिए जाते है. इसके अलावा राज्य में जो रसोईया अच्छा काम करती है उन्हें जिला संभाग, राज्य स्तर पर 15 अगस्त और 26 जनवरी पर 15 लाख से भी अधिक राशि के नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिए जाते हैं। गहलोत सरकार ने इस योजना के माध्यम से प्रतिदिन 1.34 लाख लोगो और प्रतिवर्ष 4.87 लोगों को भोजन की थाली परोसने का लक्ष्य निर्धारित किया है. आवश्यकतानुसार इसे और बढ़ाया भी जा सकता है.

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Indira Rasoi Yojana का लाभ एवं विशेषताएं 

  • राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 20 अगस्त 2020 को राजीव गांधी जयंती के मौके पर इंदिरा रसोई योजना की शुरुआत की थी. 
  • इस योजना का नाम पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के नाम पर रखा गया है. 
  • गहलोत सरकार द्वारा Indira Rasoi Yojana को शुरू करने का मकसद राज्य के जरूरतमंद और गरीब लोगों को दो वक्त का स्वादिष्ट एवं ताजा खाना बहुत ही कम कीमत पर उपलब्ध कराना है ताकि राज्य का कोई भी व्यक्ति भूखा पेट ना सो सके. 
  • इंदिरा रसोई योजना राजस्थान के तहत लाभार्थी को एक वक्त के भोजन के लिए केवल ₹8 का भुगतान करना होता है यानी ₹8 में लाभार्थी को एक थाली भरोसे जाती है. इस थाली में 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 250 ग्राम चपाती एवं आचार सम्मिलित होती है. 
  • अगर देखा जाए तो इंदिरा रसोई योजना के लागू होने से ₹100 प्रतिदिन कमाने वाला व्यक्ति भी बड़े आराम से ₹16 में दो वक्त का भरपेट खाना खा सकता है. 
  • राज्य सरकार ने इस योजना के लिए प्रति वर्ष 250 करोड रुपए का प्रावधान किया है.
  • इस योजना के माध्यम से गहलोत सरकार प्रतिदिन 1.34 लाख व्यक्ति एवं प्रतिवर्ष 4.87 करोड़ लोगो को दो वक्त का खाना मुहैया कराएगी. आवश्यकतानुसार इसे और बढ़ाया जा सकता है. 
  • अगर भोजन के वक्त की बात करें तो दोपहर का भोजन सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक एवं शाम का भोजन शाम 5:00 बजे से 8:00 बजे तक उपलब्ध कराया जाता है. 
  • जिला स्तर पर इंदिरा रसोईघरो के संचालन की जिम्मेदारी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित एनजीओ को सौंपी गई है. 
  • नगर निकायों द्वारा भोजन की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के लिए हर महीने कम से कम 2 बार इंदिरा रसोइयों का निरीक्षण करके निरीक्षण रिपोर्ट मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रेषित करने का भी प्रावधान किया गया है. 
  • सरकार द्वारा हर साल प्रत्येक रसोई को आधारभूत संरचना के लिए एकमुश्त 5 लाख रुपये एवं 3 लाख रुपये प्रतिवर्ष आवर्ती संरचना हेतु उपलब्ध कराये जाते है. 
  • इंदिरा रसोई योजना का हर कार्य पपेरलेस किया जाता है ताकि इसमें किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी या धांधली ना हो. इसके लिए सरकार ने इन्दिरा रसोई वेब पोर्टल भी लॉन्च किया है.
  • इसके अलावा राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से इस योजना के लाभार्थियों से दूरभाषा पर निरंतर फीडबैक भी लिया जाता है. 
  • कोरोना महामारी के मध्यनजर इंदिरा रसोईघरो में मास्क लगाना, सोशियल डिस्टेंसिंग व सैनेटाईजर की व्यवस्था आवश्यक रूप से की जायेगी साथ ही सभी रसोईयों में प्रतिदिन सैनेटाईजेशन और काम करने वाले कर्मचारियों की समय-समय पर स्वास्थ्य जांच भी करवायी जायेगी. 

Indira Rasoi Scheme Rajasthan का मुख्य उद्देश्य

इस बढ़ती महंगाई के कारण हमारे देश में बहुत से लोगो को दो वक़्त का खाना भी नसीब नहीं होता है. भुखमरी की समस्या को खत्म करने के लिए और “कोई भी भूखा नहीं सोए” के संकल्प को पूरा करने के मकसद से ही राजस्थान सरकार ने इंदिरा रसोई योजना की शुरुआत की है. इस योजना के लागू होने से गरीब लोग भी दो वक़्त का ताज़ा और पौष्टिक खाना मात्र 16 रूपये में भरपेट खा पाएगे. राजस्थान सरकार का यह कदम सराहनीय है. 

इंदिरा रसोई योजना का लाभ कौन-कौन ले सकता है ?

  • किसी भी राज्य का कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकता है. 

Indira Rasoi Yojana के मुख्य बिंदु

योजना का नाम इंदिरा रसोई योजना
किसने आरंभ की राजस्थान सरकार ने
शुभारंभ कब हुआ 20 अगस्त 2020 को
किस मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है नगरीय विकास एवं आवासन, स्वायत्त शासन विभाग
लाभार्थी गरीब और ज़रूरतमंद लोग
योजना का लाभ

गरीब और ज़रूरतमंद लोगो को दो वक़्त का ताज़ा और पौष्टिक खाना बहुत ही कम कीमत पर उपलब्ध कराना

आधिकारिक वेबसाइट

indirarasoi.rajasthan.gov.in

इंदिरा रसोई योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. 

  • Toll Free Number – 18001806127

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FAQ

इंदिरा रसोई योजना में कितने रुपए में खाना मिलता है?

इंदिरा रसोई योजना के अंतर्गत एक व्यक्ति को एक वक्त का ताज़ा एवं पौष्टिक खाना मात्र ₹8 में उपलब्ध कराया जाता है. अगर कोई व्यक्ति दो वक्त का खाना खाता है तो उसे केवल ₹16 का भुगतान करना होगा.

इन्दिरा रसोई में खाना कौन खा सकता है?

कोई भी व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के इंदिरा रसोई में भोजन कर सकता है.

क्या इंदिरा रसोई में भोजन के समय कोई दस्तावेज लाना आवश्यक है?

नहीं, इंदिरा रसोई में भोजन करने के लिए किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है.

इंदिरा रसोईघर में खाने का मेन्यू क्या होगा?

इंदिरा आवास योजना के तहत एक व्यक्ति को ₹8 में एक थाली परोसी जाती है. इस थाली में दाल, सब्जी, रोटी और आचार शामिल होता है. आवश्यकतानुसार भोजन मेन्यू में बदलाव भी किया जा सकता है.

इंदिरा रसोई का टाइम क्या है?

दोपहर के भोजन का समय सुबह 8.30 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक एवं रात्रि भोजन का समय शाम 5.00 बजे से रात 8.00 बजे तक रहता है.

भोजन की गुणवत्ता सही नहीं होने पर कहॉं शिकायत कर सकते हैं?

इंदिरा रसोई घरों में भोजन की गुणवत्ता सही नहीं पाये जाने पर आप सम्बन्धित नगरीय निकाय, जिला कलेक्टर को लिखित में भी शिकायत कर सकते हैं अथवा टोलफ्री नं. 18001806127 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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