Janani Suraksha Yojana 2022: लाभ, पात्रता व जननी सुरक्षा योजना आवेदन

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भारत सरकार नवजात शिशु तथा गर्भवती महिलाओं की स्थिति में सुधार करने के लिए समय-समय पर कई तरह की योजनाएं लाती रहती है। जिनमे से एक है जननी सुरक्षा योजना है। आज के इस लेख में हम आपको Janani Suraksha Yojana (JSY) से जुड़ी सारी जानकारी मुहैया कराएंगे जैसे इस योजना को लागू करने का क्या उद्देश्य है, इस योजना का क्या लाभ हैं, इस योजना का लाभ लेने के लिए कौन-कौन पात्र है, इस योजना के लिए आवेदन कैसे करना है आदि ! इसलिए आप इस आर्टिकल को अंत तक ज़रूर पढ़े.

Janani Suraksha Yojana 2022 (जननी सुरक्षा योजना क्या है?)

आंकड़ों के मुताबिक, असुरक्षित प्रसव के कारण भारत में हर साल 67000 महिलाओं की मृत्यु हो जाती है इसी तरह हर साल लगभग 13 लाख शिशुओं की जन्म के एक साल के भीतर मौत हो जाती है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए,  गर्भवती महिलाओ और नवजात शिशुओ की मृत्यु दर को कम करने के लिए भारत सरकार ने 12 अप्रैल 2005 को जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana-JSY) की शुरुआत की थी. इस योजना की शुरुआत राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission-NHM) के तहत की गई है. 

इस योजना के तहत देश की गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल या निजी अस्पताल (जो सरकार द्वारा चुने गए है) में प्रसव कराने पर सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र की सभी महिलाएं जो गर्भवती हैं उन्हें सरकार द्वारा प्रसव के समय पर ₹1400 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी और शहरी क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय पर ₹1000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली इस धनराशि को डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जायेगा। इसके अलावा गर्भवतियों की सारी जांच और बच्चे की डिलीवरी जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत नि:शुल्क कराई जाएगी। 

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जननी सुरक्षा योजना के लाभ और विशेषताएं 

  • ग्रामीण क्षेत्रों में – इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी पंजीकृत उम्मीदवारों को 1400 रूपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी यदि वे सरकारी अस्पतालों या किसी निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म देते हैं, जो सरकार द्वारा चुने गए है. 
  • शहरी क्षेत्रों में – इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में सभी पंजीकृत उम्मीदवारों को 1000 रूपये की सहायता राशि दी जाएगी यदि वे सरकारी अस्पतालों या किसी निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म देते हैं, जो सरकार द्वारा चुने गए है. 
  • घर पर जन्म – हालांकि जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana – JSY) का मुख्य उद्देश्य संस्थागत जन्मों का प्रतिशत बढ़ाना है, लेकिन इस योजना ने उन महिलाओं की पूरी तरह से अनदेखी नहीं की है जो आंगनवाड़ी या आशा के चिकित्सकों की सहायता से घर पर बच्चे को जन्म देना चाहती हैं. ऐसे उम्मीदवारों को ₹500 की आर्थिक सहायता मिलेगी. 
  • गर्भवतियों की सारी जांच और बच्चे की डिलीवरी जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत नि:शुल्क कराई जाएगी साथ ही बच्चे के टीकाकरण की व्यवस्था भी की जाएगी। 

ये अन्य लाभ भी मिलेगे

  • निशुल्क दवाइयां व अन्य उपयोगी सामग्री
  • निशुल्क जांच (रक्त, पेशाब, अल्ट्रासोनोग्राफी इत्यादि)
  • निशुल्क भोजन (अस्पताल में ठहरने पर सामान्य प्रसव में तीन दिवस व सिजेरियन प्रसव में सात दिवस)
  • निशुल्क रक्त सुविधा
  • निशुल्क परिवहन (घर से स्वास्थ्य संस्थान तक, रेफर किए जाने पर उच्च संदर्भ संस्थान तक व  वापस घर तक)
  • सभी प्रकार के यूजर चार्जेज से मुक्त

आशा की भूमिका

निम्न प्रदर्शन करने वाले राज्यों में JSY के तहत लाभों का उपयोग करने के लिये गरीब गर्भवती महिलाओं की मदद हेतु ‘आशा’ मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की भूमिका अहम होती है।

  • अपने क्षेत्र में उन गर्भवती महिलाओं की पहचान करना जो इस योजना से लाभ के लिये पात्र हैं।
  • गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लाभों के बारे में बताना।
  • गर्भवती महिलाओं की पंजीकरण में मदद करना और कम-से-कम 3 प्रसव पूर्व जाँच प्राप्त करना, जिसमें टेटनस के इंजेक्शन एवं आयरन फोलिक एसिड की गोलियाँ शामिल हैं।
  • JSY कार्ड और बैंक खाता सहित आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में गर्भवती महिलाओं की सहायता करना।
  • गर्भवती महिलाओं के लिये अलग-अलग सूक्ष्म जन्म योजना तैयार करना, जिसमें उन निकटवर्ती स्वास्थ्य संस्थाओं की पहचान करना शामिल है जहाँ उनको प्रसव के लिये भेजा जा सकता है।
  • टीबी के खिलाफ BCG टीकाकरण सहित, नवजात शिशुओं के लिये टीकाकरण की व्यवस्था करना।
  • प्रसवोत्तर यात्रा के लिये जन्म के 7 दिनों के भीतर महिलाओं से मिलना।

आशा को प्रोत्साहन राशि

इस योजना में केंद्र सरकार ने आशाओं का भी ध्यान रखा है. जी हां, ग्रामीण क्षेत्र की आशा सहयोगी को प्रसव प्रोत्साहन के लिए ₹300 प्रदान किए जाएंगे और प्रसव के बाद सेवा प्रदान करने के लिए ₹300 दिए जाएंगे। इसके अलावा शहरी क्षेत्र की आशा सहयोगी को प्रसव प्रोत्साहन के लिए ₹200 प्रदान किए जाएंगे और प्रसव के बाद सेवा प्रदान करने के लिए ₹200 प्रदान किए जाएंगे।

जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य 

स्वास्थ्य केंद्र में प्रजनन कराने से माता के साथ-साथ शिशु की भी सुरक्षा सुनिश्चित होती है। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत जहाँ गर्भवती महिला को नकद सहायता दी जाती है, वहीं जननी सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं तथा रूग्‍ण नवजात शिशुओं पर कम खर्च करना पड़ता है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की शुरुआत करने से सभी गर्भवती महिलाओं को सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों में प्रजनन कराने में प्रोत्‍साहन मिलेगा। रूग्‍ण नवजात शिशुओं का मुफ्त इलाज किये जाने से नवजात शिशुओं की मृत्‍यु दर घटाने में सहायता मिलेगी। इस कार्यक्रम से माता एवं नवजात शिशुओं की रूग्‍णता और मृत्‍यु दर में कमी आएगी।

Janani Suraksha Yojana हेतु पात्रता

  • बीपीएल श्रेणी के लिए – किसी भी शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिलाओ को जेएसवाई के तहत नामांकन करने की अनुमति दी जाएगी, यदि वे गरीबी रेखा से नीचे हैं. जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana – JSY) के तहत सभी गरीब और पिछडी महिलाओं को लक्षित किया जाएगा.
  • आयु से संबंधित निर्देश – केंद्र सरकार गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता केवल तभी प्रदान करेगी जब वे 19 वर्ष या उससे अधिक आयु की हो. इस आयु के नीचे कोई भी व्यक्ति नामांकन नहीं कर सकता है.
  • केवल संस्थागत जन्म के लिए – सभी महिलाएं जो जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana – JSY) के तहत नामांकन हुई है, उन्हें केवल सरकारी अस्पतालों या किसी निजी संस्थान में जाना होगा जो सरकार द्वारा चुने गए हैं.
  • केवल दो बच्चे – पहले बच्चे के जन्म पर और दूसरे बच्चे के जन्म पर ही इस योजना का लाभ मिलेगा अगर कोई महिला तीसरे बच्चे को जन्म देती है तो उस महिला को तीसरे बच्चे के जन्म पर इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. 
  • मृत बच्चे का जन्म – यदि गर्भवती महिला मृत बच्चों को जन्म देती है, तो समय से पहले या बीच में जीवित बच्चे को जन्म देना वैध मामलों के रूप में माना जाएगा. कार्यक्रम के तहत वादे के अनुसार महिलाओं को पैसे दिए जाएंगे. 

जननी सुरक्षा योजना में आवेदन हेतु ज़रूरी दस्तावेज़ 

  • आधार कार्ड – योजना के तहत नामांकन करने के लिए, महिलाओं को अपना पहचान प्रमाण और आवासीय प्रमाण देना होगा. इन दोनों आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आपके पास आधार कार्ड होना ज़रूरी है. अब सभी सरकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है. 
  • बीपीएल कार्ड – जैसा कि इस जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana – JSY) को गरीब और पिछड़े वर्गों की सहायता के लिए डिजाइन किया गया है, जिन उम्मीदवारों के पास बीपीएल कार्ड है उन्हें सुविधाएं प्राप्त करने का एक बेहतर मौका मिलेगा. हालांकि, बीपीएल कार्ड अनिवार्य नहीं है. आवेदक आय प्रमाण पत्र का भी प्रयोग कर सकते हैं.
  • जननी सुरक्षा योजना कार्ड – सभी चिकित्सा और आर्थिक सुविधाओं को प्राप्त करने के लिए, जननी सुरक्षा योजना कार्ड को प्राप्त करना आवश्यक है. यह कार्ड पंजीकरण के बाद आशा या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदान किया जाएगा. 
  • बैंक अकाउंट
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • आवेदक का आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए.

Janani Suraksha Yojana – JSY के मुख्य बिंदु

योजना का नाम जननी सुरक्षा योजना 
योजना की शुरुआत कब हुई वर्ष 2005 में
किसने आरंभ की केंद्र सरकार ने
किस मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा
योजना का लाभ
  • ग्रामीण क्षेत्रों में – इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी पंजीकृत उम्मीदवारों को 1400 रूपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी यदि वे सरकारी अस्पतालों या किसी निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म देते हैं, जो सरकार द्वारा चुने गए है. 
  • शहरी क्षेत्रों में – इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में सभी पंजीकृत उम्मीदवारों को 1000 रूपये की सहायता राशि दी जाएगी यदि वे सरकारी अस्पतालों या किसी निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म देते हैं, जो सरकार द्वारा चुने गए है. 
योजना का उद्देश्य

गर्भवती महिलाओ और नवजात शिशुओ की मृत्यु दर को कम करना

योजना के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
  • आधार कार्ड 
  • बीपीएल कार्ड (बीपीएल कार्ड ना होने की स्थिति में आवेदक आय प्रमाण पत्र का भी प्रयोग कर सकते हैं)
  • जननी सुरक्षा योजना कार्ड
  • बैंक अकाउंट पासबुक
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
ऑफिशियल वेबसाइट nhm.gov.in

जननी सुरक्षा योजना के लिए आवेदन कैसे करे?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जननी सुरक्षा योजना में आवेदन केवल ऑफलाइन होंगे.

  • सबसे पहले आपको आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होगा.

आवेदन फॉर्म डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें

  • आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी को ध्यानपूर्वक भरने के बाद संबंधित दस्तावेजों के साथ आवेदन फॉर्म को अपने नजदीकी आशा कार्यकर्ता के पास या आंगनवाड़ी केंद्र में जमा करा दें. 
  • इस तरह से आपका आवेदन पूर्ण हो जाएगा. 
  • पंजीकरण होने के बाद आशा कार्यकर्ता से या आंगनवाड़ी केंद्र से जननी सुरक्षा कार्ड (JSY Card) लेना ना भूले. 

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FAQ

जननी सुरक्षा योजना में कितना पैसा मिलता है?

जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के बाद 1400 रूपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है और शहरी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के बाद ₹1000 के आर्थिक सहायता दी जाती है.

जननी सुरक्षा योजना कब शुरू की गई थी?

गर्भवती महिलाओ और नवजात शिशुओ की मृत्यु दर को कम करने के लिए भारत सरकार ने 12 अप्रैल 2005 को जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana-JSY) की शुरुआत की थी. इस योजना की शुरुआत राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission-NHM) के तहत की गई है. 

जननी सुरक्षा योजना किसने शुरू की?

केंद्र सरकार ने 2 अप्रैल 2005 को जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana JSY) की शुरुआत की थी.

जननी सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

जननी सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश गर्भवती महिलाओ और नवजात शिशुओ की मृत्यु दर को कम करना है.

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