Mera Pani Meri Virasat Yojana 2022: मेरा पानी मेरी विरासत योजना रजिस्ट्रेशन

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Mera Pani Meri Virasat Yojana

घटते भू-जल स्तर को बचाने व जल संरक्षण के दृष्टिगत भारत सरकार की ओर से शुरू किया गया जल शक्ति मिशन कारगर साबित हो रहा है। हरियाणा सरकार ने भी इस मिशन को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में अनेक योजनाएं चलाई हैं। इनमें मेरा पानी-मेरी विरासत योजना (Mera Pani Meri Virasat Yojana) प्रदेश सरकार की जल संरक्षण के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना से जहां भू-जल को संरक्षण मिल रहा है, वहीं किसान कम लागत में अधिक आय अर्जित कर रहे हैं। आज के इस लेख में हम आपको Haryana Mera Pani Meri Virasat Scheme से जुड़ी सारी जानकारी मुहैया कराएंगे जैसे इस योजना को लागू करने का क्या उद्देश्य है, इस योजना के क्या लाभ हैं, इस योजना के लिए क्या पात्रता होनी चाहिए, इस योजना के लिए आवेदन कैसे करना है आदि. इसलिए आप इस लेख को अंत तक ज़रूर पढ़े. 

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Mera Pani Meri Virasat Yojana 2022

देश के अलग-अलग राज्यों में (हरियाणा सहित) पानी का स्तर लगातार गिरता जा रहा है. ऐसे में किसानो को धान जैसी फसल के लिए पानी की आवश्यकता पूरी करने के लिए ट्यूबवेल की अधिक गहराई तक बोरिंग कराने की जरूरत पड़ रही है, क्यूंकि धान की फसल पर अन्य फसलों की तुलना में अधिक पानी का खर्च होता है। इसके अलावा अगर किसान ज्यादा मात्रा में धान बोएँगे, तो भूजल का स्तर भी घटेगा। इस समस्या को देखते हुए हरियाणा सरकार ने मेरा पानी मेरी विरासत योजना (Mera Pani Meri Virasat Yojana) का शुभारंभ किया है. 

इस योजना के तहत अगर किसान धान की फसल की जगह ऐसी फसलो की खेती करते है जिनमे पानी की खपत कम होती है जैसे मक्का, अरहर, उड़द, कपास, बाजरा, मूंग आदि तो उन्हें 7,000 रूपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन धनराशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी. इसके अलावा सूक्ष्म सिंचाई पर भी 80% तक की सब्सिडी भी दी जाएगी. 

जी हां, यदि कोई किसान खेती की ज़मीन के 50% या उससे अधिक हिस्से पर धान की जगह कपास, बाजरा, मक्का और दलहन आदि की खेती करता है या फिर बागवानी करता है, तो उसे मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम के तहत हरियाणा सरकार की तरफ से प्रति एकड़ सात हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इतना ही नहीं यदि किसान ने पिछले वर्ष धान की फसल पैदा करने वाले खेत को खाली भी डाला हुआ है, तो उसे भी सात हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रुप में दिए जाएगे।

हरियाणा सरकार द्वारा इस योजना को लागू करने का मुख्य उद्देश्य भू-जल का बचाव करना है तो वहीं, दूसरी फसलों के उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित भी कर करना है। 

इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानो को मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा. राज्य सरकार से मिली जानकारी के अनुसार जो किसान मेरा पानी- मेरी विरासत योजना के तहत आवेदन करते हैं, उनके आवेदन का पहले सत्यापन किया जाएगा. सत्यापन की प्रक्रिया पटवारी, कृषि विकास अधिकारी की तरफ से की जाएगी. जांच रिपोर्ट का सही मिलने पर योजना के तहत किसानों को दो किस्तों में मुआवजा दे दिया जाएगा। पहली किस्त में पांच हजार और दूसरी किस्त दो हजार रुपये के रूप में किसान के बैंक खाते में राशि जमा करा दी जाएगी। यह राशि किसानों की तरफ से आवेदन के समय में फसल पोर्टल पर अपलोड किए बैंक खाता संख्या में भेजी जाएगी. 

माइक्रो इरिगेशन अपनाने के लिए भी दिया जा रहा प्रोत्साहन

प्रदेश में किसानों को माइक्रो इरिगेशन यानी सूक्षम सिंचाई अपनाने के लिए भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है. जी हां, अगर किसान अपने खेत में तालाब का निर्माण करता है तो कुल खर्च का 70% सरकार देगी. किसान को तालाब के निर्माण में होने वाले कुल खर्च का 30% ही देना होगा.  इसी तरह 2 एचपी से 10 एचपी तक की क्षमता वाले सोलर पंप की स्थापना के लिए किसान को 25 प्रतिशत रकम ही देनी होगी, बाकि की 75% रकम सरकार की तरफ से देय होगी. सूक्षम सिंचाई से न केवल किसानों को पूरा पानी मिलेगा, बल्कि आगामी कई साल तक खेती के लिए पर्याप्त पानी का पक्का प्रबंध हो जाएगा. इस बारे में अधिक जानकारी कृषि अधिकारी व खंड कृषि अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

Mera Pani Meri Virasat Yojana के लाभ एवं विशेषताएं 

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना (Haryana Mera Pani Meri Virasat Yojan) के लाभ एवं विशेषताएं इस प्रकार है:-

  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना (Mera Pani Meri Virasat Yojana) का लाभ केवल हरियाणा के किसान ही ले सकते है. 
  • इस योजना के अंतर्गत अगर किसान खेती की जमीन के 50% या फिर उससे अधिक हिस्से पर धान की जगह मक्का, कपास, बाजरा, दलहन, सब्जियां आदि की फसल उगाई जाती है तो इस स्थिति में किसान को सरकार की तरफ से 7,000 रूपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि के रुप में प्रदान किये जाएगे.
  • मेरा पानी- मेरी विरासत योजना के तहत 7 हजार रुपये प्रति एकड़ का लाभ किसानों को आवेदन करने पर ही मिलेगा. 
  • हरियाणा सरकार ने धान की जगह दूसरी फसलों की खेती के लिये मेरा पानी- मेरी विरासत योजना (Mera Pani Meri Virasat Scheme) के तहत ऑनलाइन आवेदन भी मांगे हैं. जो भी किसान इस योजना का लाभ लेकर कम लागत में खेती करना चाहते हैं, वे हरियाणा कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट मेरी फसल मेरा ब्यौरा (Meri Fasal Mera Byora) पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.
  • किसानों से आवेदन प्राप्त करने के बाद पटवारी और कृषि विकास अधिकारी द्वारा सत्यापन कराया जायेगा और लाभार्थियों का चयन करके प्रोत्साहन की राशि किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी. 
  • इसके अलावा राज्य के ऐसे इलाके जहां पर जल स्तर 35 मीटर गहरा है वहां पर धान की खेती करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • ऐसे किसान जिनकी ट्यूबवेल 50 हॉर्स पावर इलेक्ट्रिक मोटर से चल रही है उनको धान की खेती करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • किसानों को उन जगहों पर धान की खेती करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जहां पर पिछले वर्ष धान की खेती नहीं हुई थी.
  • यदि किसी किसान ने पिछले वर्ष भी खेत में धान नहीं लगाया और इस बार भी नहीं लगाया है, खेत खाली पड़ा हुआ है, तो भी सरकार प्रोत्साहन राशि सात हजार रुपये दे रही है.
  • भूजल को बचाने के लिए सरकार ने अटल भूजल योजना के तहत किसानों को सिंचाई के लिए कई योजनाओं के तहत सामान खरीदने के लिए अनुदान देने की भी घोषणा की है. इन योजनाओं में स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली, टपका सिंचाई योजना के लिए सरकार ने 85 प्रतिशत अनुदान देने की घोषणा की है.
  • किसान द्वारा मेरा पानी मेरी विरासत (Mera Pani Meri Virasat) के अंतर्गत उगाई गई फसल पर सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जाएगी.
  • इस योजना के लागू होने से राज्य में 30 से 35 फीसदी तक पानी की बचत होगी.
  • इस योजना की सफलता के लिए सरकार द्वारा व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है. 
  • हरियाणा प्रमुख धान उत्पादक प्रदेशों में शामिल है, फिर भी भावी पीढ़ियों के लिए सरकार ने इस तरह की योजना चलाने का रिस्क लिया है.

Haryana Mera Pani Meri Virasat Yojana का उद्देश्य 

असल में हरियाणा सरकार ने फसल विवधिकरण को बढ़ावा देने और भूजल को बचाने के उद्देश्य से मेरा पानी- मेरी विरासत योजना शुरू की हुई है. जाहिर है कि धरती का भूजल स्तर गिरता जा रहा है. ऐसी स्थिति में ज्यादातर राज्य सरकार कम पानी वाली फसलें या बागवानी फसलों की खेती पर जोर दे रही हैं. जिसके तहत राज्य सरकार खरीफ सीजन में धान की जगह अन्य फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को 7 हजार रुपये प्रति एकड़ की सब्सिडी भी दे रही है. मसलन इस खरीफ सीजन किसानों को धान की जगह कपास, तिलहनी और दलहनी फसलों की बुवाई करनी होगी. जिसके लिए राज्य के किसानों को 7 हजार रुपये सब्सिडी या प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाएंगे.

मेरा पानी मेरी विरासत योजना  2022 के लिए कौन-कौन पात्र है?

  • आवेदक किसान हरियाणा का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • ऐसे किसान जो 50 हार्टज पाॅवर के इलेक्ट्रिक मोटर का प्रयोग कर रहे हैं उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • किसानों को अपने पिछले साल के धान उत्पादन के 50 प्रतिशत हिस्से में विविधता लानी होगी।
  • आधार नंबर से जुड़ा एक सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए। 

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना 2022 हेतु आवश्यक दस्तावेज

  • आवेदक का आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • पहचान पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • ज़मीन के कागज़ात
  • पासपोर्ट साइज फोटो

Mera Pani Meri Virasat Yojana के मुख्य बिंदु

योजना का नाम मेरा पानी मेरी विरासत योजना
योजना की शुरुआत कब हुई 6 मई 2020 को
किसने आरंभ की हरियाणा सरकार ने
किस मंत्रालय के देखभाल में चलाई जा रही हैं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
योजना का उद्देश्य

जल का संरक्षण करना और फसल विवधिकरण बढ़ावा देना

आधिकारिक वेबसाइट fasal.haryana.gov.in

आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2022 निर्धारित की गई (मेरा पानी मेरी विरासत योजना online registration last date)

हरियाणा सरकार ने मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत पंजीकरण कराने की अंतिम तिथी 31 अगस्त 2022 निर्धारित की है. राज्य के इच्छुक किसान मेरा पानी मेरी विरासत योजना का लाभ उठाने के लिए 31 अगस्त 2022 तक आवेदन कर सकते है. आवेदन प्रक्रिया के अनुसार…. किसान द्वारा आवेदन करने पर आवेदन पत्र में भरी गई जानकारी का पटवारी, कृषि विकास अधिकारी की तरफ से पहले सत्यापन किया जाएगा. सभी जानकारी सही पाए जाने पर आवेदक किसान को मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत 7000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में, पहली किस्त में पांच हजार और दूसरी किस्त में दो हजार रुपये बैंक खाते में जमा करा दिए जाएंगे. 

Mera Pani Meri Virasat Yojana Registration (मेरा पानी मेरी विरासत योजना रजिस्ट्रेशन)

Haryana Meri Fasal Mera Byora 

Meri Fasal Mera Byora Registration 

Meri Fasal Mera Byora Portal

  • मोबाइल नंबर दर्ज करे
  • कैप्चा कोड भरे 
  • लॉग इन के विकल्प पर क्लिक करे
  • अब आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जायेगा
  • ओटीपी दर्ज करके मोबाइल नंबर सत्यापित करे
  • अब आपके सामने आवेदन फॉर्म खुलकर आ जायेगा.
  • आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी दर्ज करे.
  • सम्बंधित दस्तावेज़ अपलोड करे और सबमिट के बटन पर क्लिक करे.
  • इस प्रकार आपका मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत पंजीकरण हो जायेगा. 

आवेदन फॉर्म को प्रिंट कैसे करे?

  • ऋतू चुने 
  • अंग्रेजी में नाम दर्ज करे 
  • मोबाइल नंबर दर्ज करे 
  • बैंक खाता संख्या दर्ज करे 
  • प्रिंट करे के विकल्प पर क्लिक करे
  • इस प्रकार आप आवेदन फॉर्म का प्रिंट आउट निकाल सकते है. 

बैंक विवरण बदलने की प्रक्रिया

  • अब  बैंक विवरण बदले (हरियाणा) के विकल्प पर क्लिक करे. 
  • अब एक नया पेज खुलकर आयेगा.
  • मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करे और जारी रखे के विकल्प पर क्लिक करे. 
  • अब आपके सामने बैंक की डिटेल्स बदलने का ऑप्शन आयेगा.
  • इस प्रकार आप बैंक की डिटेल्स चेंज कर सकते है. 

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Mera Pani Meri Virasat Yojana Helpline Number / Toll Free Number

किसी भी प्रकार की समस्या या सुझाव के लिए आप नीचे दिए गए टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते है:-

Toll Free Number

  • 1800 180 2117
  • 1800 180 2060

FAQ

मेरा पानी मेरी विरासत योजना कब शुरू हुई?

गिरते हुए भू-जल स्तर को बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने 6 मई 2020 को मेरा पानी मेरी विरासत योजना का शुभारंभ किया था. इस योजना के तहत अगर किसान धान की जगह ऐसी फसल उगाते है जिसमे पानी की कम खपत होती है, तो उन्हें सरकार की तरफ से 7000 रूपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.

मेरा पानी मेरी विरासत योजना की अधिकारिक वेबसाइट क्या है?

मेरा पानी मेरी विरासत योजना की अधिकारिक वेबसाइट fasal.haryana.gov.in है.

मेरा पानी मेरी विरासत क्या है?

मेरा पानी मेरी विरासत एक योजना का नाम है जिसका शुभारंभ हरियाणा सरकार द्वारा किया गया है. इस योजना को लागू करने के मुख्य उद्देश्य जल का संरक्षण करना है. इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण किसान अगर धान की जगह मक्का, कपास, बाजरा, दलहन, सब्जियां आदि की खेती करते है, तो उन्हें सरकार की तरफ से 7000 रूपये प्रोत्साहन राशि के रुप में दिए जाएगे.

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