Mukhyamantri Bal Gopal Yojana 2022: राजस्थान बाल गोपाल योजना लाभ एवं उद्देश्य

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Mukhyamantri Bal Gopal Yojana

हाल ही में राजस्थान सरकार ने प्रदेश के कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना की शुरुआत की है. आज के इस लेख में हम आपको Mukhyamantri Bal Gopal Yojana से जुड़ी सारी जानकारी मुहैया कराएंगे जैसे इस योजना को लागू करने का क्या उद्देश्य है, इस योजना का क्या लाभ हैं, इस योजना का लाभ लेने के लिए कौन-कौन पात्र है, इस योजना के लिए आवेदन कैसे करना है आदि ! इसलिए आप इस आर्टिकल को अंत तक ज़रूर पढ़े.

Mukhyamantri Bal Gopal Yojana 2022 (सीएम बाल गोपाल योजना क्या है?)

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर प्रदेश में मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना का शुभारंभ किया गया है. Rajasthan Bal Gopal Yojana के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी शिक्षा विभाग को दी गई है. इस योजना के तहत कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में दो दिन दूध उपलब्ध करवाया जाएगा। मिड डे मिल योजना से जुड़े राजकीय विद्यालय, मदरसों, विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों में बच्चों को दूध उपलब्ध करवाया जाएगा।

सरकार का मानना है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के लागू होने से कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों के पौषण स्तर में सुधार होने के साथ-साथ विद्यालयों में नामाकंन एवं उपस्थिति में भी वृद्धि होगी और विद्यार्थियों का ड्रॉप आउट भी रूक सकेगा और इससे मिड डे मील की पोष्टिकता में भी सुधार होगा।

योजना के तहत पांचवीं तक के बच्चों को 15 ग्राम पाउडर दूध से 150 मिलीलीटर दूध तथा छठवीं से आठवीं तक के बच्चों को 20 ग्राम पाउडर दूध से 200 मिलीलीटर दूध तैयार कर पिलाना है। निर्देशों के अनुसार प्रार्थना सभा के तुरंत बाद बालकों को दूध पिलाया जाना है। निर्धारित दिन अवकाश होने पर अगले शेक्षणिक दिवस पर पिलाया जाना है। पाउडर मिल्क की खरीद राजस्थान कॉ ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन से की जाएगी। आयुक्तालय मिड डे मील के माध्यम से जिलेवार पाउडर मिल्क का आवंटन किया जाएगा। बता दे की, इस योजना के लागू होने से राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत करीब 69 लाख 21 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे और इसी के साथ मिड-डे-मिल योजना के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को दूध पिलाने वाला राजस्थान अब देश का पहला राज्य भी बन गया है.

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मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना का क्रियान्वयन कैसे होगा?

डेयरी फैडरेशन से खरीदेंगे पाउडर

मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के क्रियान्वयन के लिए पाउडर मिल्क राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन से क्रय किया जाएगा। मिड डे मील आयुक्तालय के माध्यम से जिलों में इसका आवंटन किया जाएगा। फैडरेशन की ओर से ही आवंटन अनुसार विद्यालयों तक पाउडर मिल्क पहुंचाया जाएगा। दूध वितरण की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन समिति निभाएगी। दूध की गुणवत्ता फैडरेशन एवं एसएमसी सुनिश्चित करेगी।

इन्हें दी जिम्मेदारी

शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव श्री पवन कुमार गोयल ने कहा कि, राज्य स्तर पर इस योजना को सफल कराने की ज़िम्मेदारी मिड डे मील आयुक्त को सौंपी गई है. इसी प्रकार जिला स्तर पर जिला अधिकारी, ब्लॉक स्तर पर शिक्षा अधिकारी इस योजना के क्रियान्वयन के लिए ज़िम्मेदार होंगे। मिल्क पाउडर वितरण के लिए विद्यालय प्रबंधन जिम्मेदार होंगे. इसके अलावा जिला स्तर के अधिकारियों के लिए प्रतिमाह एक निश्चित संख्या में विधालयों का निरीक्षण किया जाना अनिवार्य किया गया है। वर्ष में दो बार सघन निरीक्षण अभियान भी चलाया जाता है जिससे सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।

पहले अन्नपूर्णा योजना में दिया गया था दूध

बच्चों को दूध देने की यह योजना 2018 में वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से अन्नपूर्णा दूध योजना के नाम से आरंभ की गई थी। इस योजना के अंतर्गत भी राजस्थान के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को स्कूलों में ही दूध पिलाने की व्यवस्था थी लेकिन सरकार बदलने के बाद इस योजना को बंद कर दिया गया था। फिर बाद में गहलोत सरकार ने इस योजना की जगह राजस्थान बाल गोपाल योजना की घोषणा की, जिसमें दूध की बजाय मिल्क पाउडर से दूध बनाकर बच्चों को दिया जाएगा.

सीएम बाल गोपाल योजना के लाभ एवं विशेषताएं 

  • इस योजना के तहत कक्षा 5 तक के बच्चो को 150 मिलीलीटर दूध तथा कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के बच्चों को 200 मिलीलीटर उपलब्ध कराया जायेगा।
  • इस योजना के लागू होने से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को कुपोषण से मुक्ति मिलेगी क्यूंकि दूध में कैल्शियम, प्रोटीन, पोटेशियम, फास्फोरस, विटामिन डी, विटामिन बी12, विटामिन ए और राइबोफ्लेविन (बी 2) होता है। कैल्शियम, हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। प्रोटीन से इंसान को ऊर्जा मिलती है। पोटेशियम से ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होती और यह रक्त चाप को नियंत्रित रखता है। फास्फोरस से शरीर में ऊर्जा मिलती है और हड्डियां मजबूत होती हैं। इसी तरह, विटामिन डी से हड्डियां मजबूत होती हैं। विटामिन बी12 लाल रक्त कोशिकाओं और नर्वस टिश्यू को नियंत्रित करता है। विटामिन ए इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और आंखों और स्किन की समस्या से दूर रखता है। राइबोफ्लेविन (बी 2) खाने को ऊर्जा में तब्दील करता है। नियासीन, मेटाबॉलिज्म शुगर और फैटी एसीड को नियंत्रित रखता है।
  • इस योजना के अंतर्गत प्रार्थना सभा के तुरंत बाद बालकों को दूध पिलाया जाना है।
  • बच्चो को सप्ताह में दो दिन मंगलवार एवं शुक्रवार को दूध उपलब्ध कराया जायेगा अगर निर्धारित दिन अवकाश रहता है तो अगले शेक्षणिक दिवस पर  दूध पिलाया जायेगा.
  • इस योजना का लाभ प्रदेश के मदरसों में पढ़ने वाले बच्चो को भी मिलेगा. 
  • इस योजना के तहत राजकीय विद्यालयों और मदरसों में पढने वाले करीब 69 लाख 21 हज़ार बच्चों को पाउडर से तैयार दूध उपलब्ध करवाया जाएगा।
  • Bal Gopal Yojana लागू होने से स्कूलों में बच्चो के दाखिला की संख्या बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता दर बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
  • मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना 2022 के तहत प्रदेश सरकार ने मिल्क पाउडर खरीदने के लिए को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन से करार किया है. इसके अलावा दूध की गुणवत्ता की ज़िम्मेदारी भी फेडरेशन की होगी. 
  • मिड-डे मील आयुक्तालय के माध्यम से पाउडर मिल्क का ज़िलेवार आवंटन किया जाएगा। आरसीडीएफ द्वारा ही आवंटन के अनुसार विद्यालयों तक पाउडर मिल्क की डोर स्टेप डिलिवरी की जाएगी।

मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना का उद्देश्य 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा के सार्वजनिकरण को बढावा देने, विद्यालयों में विधार्थियों के नामांकन एवं उपस्थिति में वृद्धि, ड्रोप आउट को रोकना तथा सीखने के स्तर को बढावा देना मुख्य हैं। साथ ही प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक स्तर के अध्ययनरत विधार्थियों के पोषण स्तर को सुधारना.

Mukhyamantri Bal Gopal Yojana के मुख्य बिंदु

योजना का नाम मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना
योजना की शुरुआत कब हुई वर्ष 2022 में
किसने आरंभ की राजस्थान सरकार ने
किस मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है शिक्षा विभाग द्वारा
योजना का लाभ

कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में दो दिन दूध उपलब्ध कराना

योजना का उद्देश्य

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को कुपोषित होने से बचाना और स्कूलों में ड्रॉप आउट रेट को कम करना

स्वामित्व योजना वेबसाइट education.rajasthan.gov.in

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CM Bal Gopal Yojana Helpline Number / Tollfree Number

आपको यदि योजना से जुडी कोई भी समस्या है या आपको कोई अन्य जानकरी चाहिए तो आप नीचे दिए गए पते पर या ईमेल पर या फ़ोन नंबर पर संपर्क करे. 

First Floor, Navjeevan Complex (Uphar Building), Bhawani Singh Marg

C-Scheme, Jaipur 302001, Ph:- 0141-2221960

E-mail ID :[email protected], [email protected]

FAQ

मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना क्या है?

राजस्थान बाल गोपाल योजना के तहत प्रदेश सरकार कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में दो दिन दूध उपलब्ध कराएगी. इस योजना में मिड डे मिल योजना से जुड़े राजकीय विद्यालय, मदरसों, विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों में पढ़ रहे बच्चों को शामिल किया जायेगा।

मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना की शुरुआत कब हुई?

इस योजना का शुभारंभ साल 2022-23 के वित्तीय बजट में किया गया, और इसे जल्द हीं राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों मे प्रभावी तरिके से लागू किया जाएगा।

बाल गोपाल योजना के अंतर्गत प्रत्येक बच्चों को कितना दूध दिया जाता है?

इस योजना के तहत मिड डे मिल योजना से जुड़े राजकीय विद्यालय, मदरसों, विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों में पढ़ रहे पांचवीं तक के बच्चों को 150 मिलीलीटर दूध तथा छठवीं से आठवीं तक के बच्चों को 200 मिलीलीटर दूध पिलाया जायेगा.

मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना में क्या मिलेगा ?

राजकीय विद्यालय, मदरसों में पढने वाले बच्चो को कुपोषण से बचाने के लिए और शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना का शुभारंभ किया गया है. इस योजना के तहत पहली कक्षा से पांचवी कक्षा तक के बच्चो को 150 मिलीलीटर और कक्षा छह से कक्षा आठ तक के बच्चो को 200 मिलीलीटर दूध उपलब्ध कराया जायेगा.

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