मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना 2023 आवेदन, लाभ व पात्रता: Mukhyamantri Vriksh Sampada Yojana Chhattisgarh

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Mukhyamantri Vriksh Sampada Yojana Chhattisgarh

निजी भूमि पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि करने और लकड़ी आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के मकसद से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का शुभारंभ किया है. आज हम आपको इस लेख के माध्यम से Mukhyamantri Vriksh Sampada Yojana से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएंगे. जैसे इस योजना को लागू करने का क्या उद्देश्य है?, इस योजना के क्या लाभ है?, इस योजना का लाभ लेने के लिए कौन-कौन पात्र है?, इस योजना के लिए आवेदन कैसे करना है? आदि. अगर आप मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना छतीसगढ़ के बारे में संपूर्ण जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो, इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें.

Mukhyamantri Vriksh Sampada Yojana 2023

छत्तीसगढ़ सरकार ने 17 दिसंबर 2022 को गौरव दिवस के शुभ अवसर पर राज्य के किसानों को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने, राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करने, वृक्षारोपण को बढ़ावा देने और लकड़ी आधारित उद्योग को बढ़ाने के मकसद से मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार ने राज्य के कृषि विभाग को सौंपी है.

इस योजना के तहत अगर किसान अथवा अन्य भूमि मालिक अपनी भूमि पर वाणिज्यिक वृक्ष जैसे क्लोनल नीलगिरी, टिश्यू कल्चर बांस, टिश्यू कल्चर सागौन, मिलिया डुबिया और अन्य आर्थिक लाभकारी पौधों का रोपण करते है तो, उन्हें सरकार की तरफ से भारी भरकम सब्सिडी दी जाएगी.

जी हाँ, मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के अंतर्गत अगर किसान अथवा अन्य भूमि स्वामी अपनी 5 एकड़ तक की भूमि पर अधिकतम 5000 पौधों (प्रति एकड़ 1000 पौधे) का रोपण करते है तो, उन्हें 100 प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) दिया जाएगा. उदाहरण के तौर पर अगर कोई किसान या अन्य भूमि स्वामी इस योजना के तहत अपनी 5 एकड़ तक की भूमि पर एक लाख रुपए खर्च करके 5000 पौधे लगाता है तो उसे सरकार द्वारा 1 लाख रुपए बतौर सब्सिडी दी जाएगी. इसके अलावा 5 एकड़ से अधिक भूमि पर रोपण करने पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा.

इसके बाद क्लोनल नीलगिरी, टिश्यू कल्चर बांस, टिश्यू कल्चर सागौन, मिलिया डुबिया और अन्य आर्थिक लाभकारी वृक्षों के पूरी तरह तैयार होने के बाद निर्धारित समर्थन मूल्य पर शासन द्वारा खरीदा जाएगा. अगर देखा जाये तो, इस योजना के माध्यम से किसान या भू-स्वामी की आय में भी वृद्धि होगी और मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत पेड़ तैयार होने पर भूमि मालिक के पेड़ों की लकड़ी, छाल आदि बिकवाने की गारंटी भी सरकार की होगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्लोनल नीलगिरी, टिश्यू कल्चर बांस, टिश्यू कल्चर सागौन, मिलिया डुबिया और अन्य आर्थिक लाभकारी वृक्षों की लकड़ी का उपयोग पेपर मिल, प्लाईवुड, फर्नीचर, विनियर आदि उद्योगों में किया जाता है. इस योजना के क्रियान्वयन से वाणिज्यिक वृक्षारोपण के रकबे में वृद्धि से लकड़ी आधारित उद्योगों, जैसे- पेपर मिल, प्लाईवुड, फर्नीचर, विनियर इत्यादि के लिये कच्चे माल की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी. नए उद्योगों की स्थापना से स्थानीय निवासियों के रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी तथा विभिन्न करों के माध्यम से शासन को अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी.

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान या भूमि मालिकों आवेदन कैसे करना है और आवेदन करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेजों की आवश्यकता होगी. इन सभी की जानकारी इस आर्टिकल में दी गई है. इसलिए आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े.

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए 100 करोड़ों रुपए के बजट का प्रावधान

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत राज्य के नागरिकों को टिश्यू कल्चर पद्धति के आधार पर सागौन, शीशम, बांस, ग्राफ्टेड, आंवला, चंदन जैसी इमरती व महंगी लकड़ियों वाले पेड़ों के पौधे लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा. इस योजना के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए फिलहाल सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है.

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मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के लाभ एवं विशेषताएं

  • राज्य के नागरिकों को अपनी निजी भूमि पर व्यवसायिक वृक्षारोपण करने के लिए एवं प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना को शुरू किया गया है.
  • इस योजना के तहत किसानों या भूमि मालिकों द्वारा वाणिज्य वृक्ष की प्रजातियों (क्लोनल नीलगिरि, टिशू कल्चर बांस, टिशू कल्चर सागौन, मिलिया डूबिया एवं अन्य आर्थिक लाभकारी प्रजाति) का रोपण करने पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है.
  • मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के अंतर्गत लाभार्थी को 5 एकड़ तक भूमि पर (अधिकतम 5000 पौधे) पौधों का रोपण हेतु 100 प्रतिशत तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि पर रोपण हेतु 50 प्रतिशत का वित्तीय अनुदान दिया जाएगा.
  • अनुदान के अलावा वृक्ष पूरी तरह तैयार होने पर सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा.
  • अनुदान मिलने से किसान या भूमि मालिकों पर वाणिज्य वृक्ष का रोपण करने पर कोई आर्थिक भार भी नहीं आएगा बल्कि सरकार द्वारा वृक्षों की वापस खरीद से किसान या भूमि मालिकों की आय में इज़ाफा ही होगा.
  • सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत कुल पाँच वर्षों में एक लाख 80 हज़ार एकड़ में रोपित 15 करोड़ पौधे तैयार होने के बाद हितग्राहियों को लगभग 5000 करोड़ रुपए की आय प्राप्त होने की संभावना है.
  • Mukhyamantri Vriksh Sampada Yojana के लागू होने से प्रति वर्ष लगभग 30 हज़ार किसान लाभान्वित होंगे.
  • इस योजना के क्रियान्वयन से हितग्राहियों को प्रतिवर्ष प्रति एकड़ 15 से 50 हज़ार रुपये तक आय की प्राप्ति होगी.
  • समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी, किसान, शासकीय, अर्ध-शासकीय एवं शासन के स्वायत्त संस्थाएं, निजी शिक्षण संस्थाएँ, निजी ट्रस्ट, गैर-शासकीय संस्थाएँ, पंचायतें तथा भूमि अनुबंध धारक, जो अपनी भूमि में रोपण करना चाहते हैं, इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.
  • इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रतिवर्ष 36 हज़ार एकड़ के मान से 5 वर्षों में एक लाख 80 हज़ार एकड़ वाणिज्यिक वृक्ष के पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है.
  • इस योजना में सहयोगी संस्था अथवा निजी कंपनियों की सहभागिता का प्रस्ताव है. उनके द्वारा वित्तीय सहभागिता के साथ शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर हितग्राहियों के वृक्षों की वापस खरीद का प्रस्ताव भी दिया गया है. सहयोगी संस्था अथवा निजी कंपनियों की सहभागिता से कृषकों को उनके उत्पाद के लिये सुनिश्चित बाज़ार उपलब्ध होगा तथा शासन पर वित्तीय भार भी कम होगा.
  • इस योजना के लागू होने से वाणिज्यिक वृक्षारोपण के रकबे में वृद्धि होगी और लकड़ी से संबंधित उद्योगों, जैसे- पेपर मिल, प्लाईवुड, फर्नीचर, विनियर इत्यादि के लिये कच्चे माल की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी.
  • इसके अलावा नए उद्योगों की स्थापना से स्थानीय निवासियों के रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी तथा विभिन्न करों के माध्यम से शासन को अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी.
  • योजना के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए फिलहाल सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है.
  • इस योजना के लागू हो जाने से न सिर्फ पेड़ पौधे, हरियाली में समृद्धि होगी बल्कि राज्य के निवासियों को भी अजीविका का साधन मिलेगा.

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के मुख्य उद्देश्य

  • मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के लागू होने से किसानों की आय में वृद्धि होगी.
  • वाणिज्य वृक्षों का रोपण होने से लकड़ी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा.
  • रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
  • विभिन्न करो के माध्यम से सरकार को अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी.
  • महंगी लकड़ियों के आयात में कमी आएगी.
  • राज्य में हरियाली को भी बढ़ावा मिलेगा.

Mukhyamantri Vriksh Sampada Yojana का लाभ कौन-कौन ले सकता है?

  • सभी इच्छुक भूमि स्वामी
  • किसान
  • शासकीय, अर्ध-शासकीय एवं शासन के स्वायत्त संस्थाएं
  • निजी शिक्षण संस्थाएँ
  • निजी ट्रस्ट
  • गैर-शासकीय संस्थाएँ
  • पंचायतें
  • भूमि अनुबंध धारक, जो अपनी भूमि में रोपण करना चाहते है.

Mukhyamantri Vriksh Sampada Yojana हेतु आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • स्थाई प्रमाण पत्र
  • बैंक खाता विवरण
  • जमीनी दस्तावेज
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना हाइलाइट्स

योजना का नाममुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना
किसने आरंभ कीछत्तीसगढ़ सरकार ने
लाभार्थीराज्य के नागरिक
लाभवाणिज्यिक वृक्ष जैसे क्लोनल नीलगिरी, टिश्यू कल्चर बांस, टिश्यू कल्चर सागौन, मिलिया डुबिया और अन्य आर्थिक लाभकारी पौधों का रोपण करने पर सब्सिडी का प्रावधान
उद्देश्यकिसानों की आय में वृद्धि करना, लकड़ी आधारित उद्योग को बढ़ावा देना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना
आवेदन प्रक्रियाऑफलाइन
ऑफिशियल वेबसाइटcgforest.com

Mukhyamantri Vriksh Sampada Yojana 2023 के लिए आवेदन कैसे करें?

  • मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको संबंधित दस्तावेजों के साथ अपने नजदीकी वन विभाग कार्यालय में जाना होगा.
  • वन विभाग कार्यालय में जाने के बाद आपको मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होगा.
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी दर्ज करे और आवेदन फॉर्म को संबंधित दस्तावेजों के साथ वन विभाग कार्यालय में जमा दें.
  • इस प्रकार आपका इस योजना के तहत सफलतापूर्वक आवेदन पूर्ण हो जायेगा.
  • इसके बाद आपको मांग अनुसार निःशुल्क पौधा प्रदाय किया जायेगा.
  • वृक्षारोपण के बाद सब्सिडी हितग्राही के खाते में ट्रांसफर की जाएगी.
  • वृक्ष पूरी तरह तैयार होने पर भूमि मालिक या किसान को इसकी जानकारी अपने नजदीकी वन विभाग कार्यालय में देनी होगी.
  • इसके बाद वन विभाग शासन के निर्देशानुसार वृक्षों की कटाई का काम शुरू करेगा.
  • वृक्षों की कटाई पूरी होने पर किसान या भूमि मालिक उन वृक्षों को निर्धारित मूल्य पर शासन को बेच सकते हैं.

FAQ

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना की शुरुआत कब हुई?

छत्तीसगढ़ सरकार ने 17 दिसंबर 2022 मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का शुभारंभ किया था.

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत कौन कौन से पौधे लगाए जा सकते हैं?

इस योजना के तहत किसान अथवा अन्य भूमि मालिक द्वारा अपनी भूमि पर वाणिज्यिक वृक्ष जैसे क्लोनल नीलगिरी, टिश्यू कल्चर बांस, टिश्यू कल्चर सागौन, मिलिया डुबिया और अन्य आर्थिक लाभकारी पौधों का रोपण किया जा सकता है. पौधों से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आप अपने नजदीकी वन विभाग कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं.

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलेगी?

इस योजना के तहत अगर किसान या भूमि मालिक अपनी 5 एकड़ तक की भूमि पर अधिकतम 5000 पौधे लगाता है तो उसे सरकार द्वारा 100% सब्सिडी दी जाएगी. इसके अलावा 5 एकड़ से अधिक भूमि पर रोपण करने पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा.

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