PM Svamitva Yojana 2022: लाभ, पात्रता व ऑनलाइन पंजीकरण

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PM Svamitva Yojana

केंद्र सरकार ग्रामीणों और किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है। इनमें से कई योजनाएं लोगों के लिए वरदान भी साबित हो रही हैं। सरकार की इन लाभकारी योजनाओं में से एक है पीएम स्वामित्व योजनाआज के इस लेख में हम आपको PM Svamitva Yojana से जुड़ी सारी जानकारी मुहैया कराएंगे जैसे इस योजना को लागू करने का क्या उद्देश्य है, इस योजना का क्या लाभ हैं, इस योजना का लाभ लेने के लिए कौन-कौन पात्र है, इस योजना के लिए आवेदन कैसे करना है आदि ! इसलिए आप इस आर्टिकल को अंत तक ज़रूर पढ़े.

PM Svamitva Yojana 2022 (पीएम स्वामित्व योजना क्या है?)

गांव के लोगों को भी शहरी क्षेत्र जैसी सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम स्वामित्व योजना के तहत गांव के उन लोगों को अपनी जमीन का मालिकाना हक दिया जा रहा है, जिनकी जमीन किसी भी सरकारी आंकड़े में दर्ज नहीं है। दरअसल, ऐसे कई लोग हें जिनकी जमीन किसी भी सरकारी आंकड़ों में दर्ज नहीं है, जिससे उनकी जमीन पर कब्जा होने का खतरा रहता है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना (Pradhanmantri Svamitva Yojana) को शुरुआत की है। केंद्र सरकार द्वारा इस स्कीम की शुरुआत पंचायती राज दिवस के अवसर पर दिनांक 24 अप्रैल, 2020 को की गई थी। 

इस योजना के तहत ड्रोन के जरिए जमीनों का सीमांकन किया जाता है। एक गांव की सीमा में जितनी प्रॉपर्टी आती हैं, सभी का डिजिटल नक्शा तैयार किया जाता है यानी गांव की सभी इमारतों, मकान, दुकान, जमीन, तलाब आदि का एक लेखा जोखा तैयार किया जाएगा. सर्वेक्षण के पश्चात गांव में उस संपत्ति पर जिस ग्रामीण का मौलिक अधिकार है उसे उसके नाम से पूरी तरह रजिस्टर्ड कर दिया जाएगा साथ ही यह रजिस्ट्रेशन होने के बाद उस ग्रामीण को प्रधानमंत्री स्वामित्व कार्ड भी दिया जाएगा जो यह प्रमाणित करेगा कि इस प्रॉपर्टी पर इस व्यक्ति का अधिकार है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में स्वामित्व योजना के तहत एक लाख प्रॉपर्टी मालिकों को प्रॉपर्टी कार्ड्स बांटे हैं। 

इस तरह से भूमि माफिया, फर्जीवाड़ा, भूमि की लूट इत्यादि जैसी समस्याएं दूर हो जाएंगी.  इसके अलावा इस योजना को ग्राम स्वराज के ऑनलाइन पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा जिसके परिणाम स्वरूप ग्रामीण लोगो को उनकी संपत्ति का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगा। जिससे लाभार्थी फिजिकल कॉपी के साथ-साथ डिजिटल संपत्ति कार्ड भी सम्बन्धित वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। 

स्वामित्व योजना को लेकर सरकार की ऐसी है प्लानिंग

दरअसल, सरकार की प्लानिंग है कि इस योजना के तहत आगामी चार साल में यानि अप्रैल 2020 से मार्च 2024 तक पूरे देश के 6.2 लाख गांवों को कवर किया जाएगा। इससे एक ओर जहां सटीक भूमि रिकॉर्ड से संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने का अवसर प्राप्त होगा, वहीं वित्तीय तरलता को बढ़ावा मिलेगा। इससे योजना और राजस्व संग्रह को सुव्यवस्थित और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रॉपर्टी राइट्स पर स्पष्टता सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत, देशभर में लगभग 300 नियमित प्रचालन प्रणाली स्टेशन की स्थापना होगी। जिसके माध्यम से ड्रोन तकनीक और नियमित प्रचालन प्रणाली स्टेशन के द्वारा आवासीय भूमि की पैमाइश सुनिश्चित की जाएगी।

जहां तक इस योजना को लाने की वजह का सवाल है तो हमारे देश की लगभग 60 फीसदी आबादी गांवों और कस्बों में रहती है। जहां पुरानी व्यवस्था के तहत ज्यादातर ग्रामीणों के पास अपनी जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज नहीं हैं। वहां पर साल दर साल वक्त बीतता गया, लेकिन पुरानी व्यवस्था के चलते मालिकाना हक से जुड़े कागज कभी नहीं बन सके। हालांकि, गांवों की खेतिहर जमीन का रिकॉर्ड तो रखा गया, लेकिन लोगों के घरों पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ‘स्वामित्व’ योजना से इसी बड़ी कमी को दूर करना चाहती है। 

बता दें कि इस योजना का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन के दौरान किया था। उन्होंने राष्ट्रीय पंचायत दिवस के दिन ही स्वामित्व योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत गांव की जमीन की वैज्ञानिक तरीके से ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए माप या पैमाइश की जाएगी। वास्तव में, स्वामित्व योजना गांव की संपत्तियों के सही आकलन करने का प्रयास है, जिसके तहत देश के सभी गांवों की संपत्ति की ड्रोन से मैपिंग की जाएगी और गांव के लोगों को एक मालिकाना प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इससे संपत्ति को लेकर जो भ्रम की स्थिति बनी रहती है वो एक हद तक दूर हो जाएंगे। इससे गांव में विकास योजनाओं की प्लानिंग सही तरीके से होगी।

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पीएम स्वामित्व योजना का लाभ और विशेषताएं 

  • ग्राम की आबादी भूमि में अपना मकान बनाकर रहने वाले ग्रामवासियों को अपने घर का मालिकाना हक मिल सकेगा
  • आबादी भूमि के कागजात मिल जाने से कानून का सहारा मिलने लगेगा.
  • मनमर्जी से घर बनाने और अतिक्रमण की समस्या से निजात मिलेगी
  • भूमि संबंधी विवाद भी खत्म होंगे
  • जमीन, मकान के नामांतरण और बंटवारे आसानी से हो सकेंगे
  • सरकारी भवन भी योजनाबद्ध तरीके से निर्मित किए जा सकेंगे
  • गांव में आबादी की भूमि को लेकर भ्रम की स्थिति खत्म होगी
  • इसके अलावा इस योजना को ग्राम स्वराज के ऑनलाइन पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा जिसके परिणाम स्वरूप ग्रामीण लोगो को उनकी संपत्ति का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगा
  • PM Svamitva Yojana के तहत अब किसी भी उम्मीदवार को अपने भूमि से जुड़े दस्तावेज के लिए किसी भी पटवारी खाने के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • संपत्ति के स्पष्ट आकलन और मालिकाना हक का निर्धारण होने से उनकी कीमतों में भी तेजी आएगी।

पीएम स्वामित्व योजना का उद्देश्य 

ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। इस योजना के तहत तकनीक का इस्तेमाल करके सरकार ग्रामीण भारत को भी सशक्त और मजबूत बनाने की कोशिश में है। इस कदम से ग्रामीणों को बहुत सारे फायदे होंगे भूमि माफियाओं का काम खत्म हो जाएगा, फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी या भूमि बेमानी या हड़प लेने जैसी समस्या भी खत्म हो जाएगी ।

पीएम स्वामित्व योजना के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ 

  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • संपत्ति के कागजात (कागजात न होने की स्थिति में भूमि पर काबिज व्‍यक्तियों को घरौनी नामक दस्‍तावेज बना कर दिया जाएगा)

PM Svamitva Yojana के मुख्य बिंदु

योजना का नाम पीएम स्वामित्व योजना 
योजना की शुरुआत कब हुई वर्ष 2020 में
किसने आरंभ की केंद्र सरकार ने
किस मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है पंचायती राज मंत्रालय, भारतीय सर्वेक्षण विभाग, राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी), राज्य राजस्व विभाग और राज्य पंचायती राज विभाग
योजना का लाभ

गांव के उन लोगों को अपनी जमीन का मालिकाना हक दिया जा रहा है, जिनकी जमीन किसी भी सरकारी आंकड़े में दर्ज नहीं है।

योजना का उद्देश्य

ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

योजना के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • संपत्ति के कागजात (कागजात न होने की स्थिति में भूमि पर काबिज व्‍यक्तियों को घरौनी नामक दस्‍तावेज बना कर दिया जाएगा)
कवरेज 
  • इस योजना को शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देश के नौ राज्यों में शुरू किया गया जिनमे आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल थे लेकिन बाद में इसे पूरे देश भर में लागू कर दिया गया. 
  • सरकार का मकसद इस योजना के तहत 6.62 लाख गाँवों को कवर करने का है. 
स्वामित्व योजना वेबसाइट svamitva.nic.in

स्वामित्व योजना PDF Download

पीएम स्वामित्व योजना के लिए आवेदन कैसे करे? / कैसे बनेगा संपत्ति कार्ड ?

  • सबसे पहले आपके गाँव में सर्वे होगा और उस गाँव के नागरिको को सर्वे के बारे में पहले से सूचना दे दी जाएगी.  फिर ड्रोन कैमरे की मदद से पूरे गाँव की ज़मीन की मैपिंग की जाएगी. 
  • मैपिंग के बाद गांव में उस संपत्ति पर जिस ग्रामीण का मौलिक अधिकार है उसे उसके नाम से पूरी तरह रजिस्टर्ड कर दिया जाएगा साथ ही यह रजिस्ट्रेशन होने के बाद उस ग्रामीण को प्रधानमंत्री स्वामित्व कार्ड भी दिया जाएगा जो यह प्रमाणित करेगा कि इस प्रॉपर्टी पर इस व्यक्ति का अधिकार है।
  • प्रधानमंत्री स्वामित्व कार्ड या संपत्ति कार्ड डाउनलोड करने के लिए आपके मोबाइल नंबर सरकार द्वारा एक एसएमएस भेजा जायेगा और साथ में एक लिंक भी होगा. इस लिंक पर क्लिक आर आप अपना प्रधानमंत्री स्वामित्व कार्ड या संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकते है. 
  • अगर किसी को कोई परेशानी है तो, कम से कम 15 दिन तथा अधिक से अधिक 40 दिन के अंतर्गत अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते है. 

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PM Svamitva Yojana Helpline Number / Tollfree Number

आपको यदि योजना से जुडी कोई भी समस्या है या आपको कोई अन्य जानकरी चाहिए तो इसके लिए पंचायती राज मंत्रालय द्वारा ई-मेल आईडी जारी की गयी है। लेकिन अभी कोई हेल्पलाइन नंबर जारी नहीं किया गया है। आप ई-मेल आईडी पर अपनी समस्या लिख कर भेज सकते हैं।
ई-मेल आईडी- [email protected]

FAQ

स्वामित्व योजना में कैसे आवेदन करें?

स्वामित्व योजना का लाभ लेने के लिए आपको आवेदन करने की ज़रुरत नहीं है क्यूंकि जैसी ही सरकार आपके गाँव में सर्वे कराएगी तब सर्वे के बाद गांव में उस संपत्ति पर जिस ग्रामीण का मौलिक अधिकार है उसे उसके नाम से पूरी तरह रजिस्टर्ड कर दिया जाएगा साथ ही यह रजिस्ट्रेशन होने के बाद उस ग्रामीण को प्रधानमंत्री स्वामित्व कार्ड भी दिया जाएगा जो यह प्रमाणित करेगा कि इस प्रॉपर्टी पर इस व्यक्ति का अधिकार है।

मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना क्या है?

केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत गांव के उन लोगों को अपनी जमीन का मालिकाना हक दिया जा रहा है, जिनकी जमीन किसी भी सरकारी आंकड़े में दर्ज नहीं है। दरअसल, ऐसे कई लोग हें जिनकी जमीन किसी भी सरकारी आंकड़ों में दर्ज नहीं है, जिससे उनकी जमीन पर कब्जा होने का खतरा रहता है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना (Mukhyamantri Svamitva Yojana) को शुरुआत की है। केंद्र सरकार द्वारा इस स्कीम की शुरुआत पंचायती राज दिवस के अवसर पर दिनांक 24 अप्रैल, 2020 को की गई थी। 

स्वामित्व योजना का लाभ कैसे मिलेगा?

स्वामित्व योजना का लाभ आपको तभी मिलेगा जब सरकार द्वारा आपके गाँव का सर्वे कराया जायेगा और उस गाँव के नागरिको को सर्वे के बारे में पहले से सूचना दे दी जाएगी. बता दे की, सरकार ने इस योजना के लिए फिलहाल ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया चालू नहीं की है.

प्रॉपर्टी कार्ड कैसे बनाएं?

इस योजना के तहत प्रॉपर्टी कार्ड के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. जैसे-जैसे मैपिंग, सर्वे का काम पूरा होगा, सरकार खुद ही सभी लोगों को उनकी प्रॉपर्टी का कार्ड देती जाएगी. इसके अलावा प्रधानमंत्री स्वामित्व कार्ड या संपत्ति कार्ड डाउनलोड करने के लिए आपके मोबाइल नंबर सरकार द्वारा एक एसएमएस भेजा जायेगा और साथ में एक लिंक भी होगा. इस लिंक पर क्लिक आर आप अपना प्रधानमंत्री स्वामित्व कार्ड या संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकते है.  

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